अशफाक की लिखी हुई कुछ पंक्ति :- • उफ़ तक भी जुबां से हम हरगिज न निकालेंगे , तलवार उठाओ तुम , हम सर को झुका देंगे। • सीखा है नया हमने लड़ने का यह तरीका , चलवाओ गन मशीनें , हम सीना अड़ा देंगे। • दिलवाओ हमें फाँसी , ऐलान से कहते …
वंचिनाथन अय्यर , जिन्हें वांची के नाम से जाना जाता है , एक निडर स्वतंत्रता सेनानी थे , जिन्होंने भारत के स्वतंत्रता आंदोलन में भाग लिया और अंग्रेजों के खिलाफ स्वतंत्र भारत के विद्रोह और शासन के नाम पर उनके द्वारा किए गए अत्याचा…
भगत सिंह का जन्म 27 सितंबर 1907 को लायलपुर जिले के बंगा में हुआ था, जो अब पाकिस्तान में है। उस समय उनके चाचा अजीत सिंह और श्वान सिंह भारत की आजादी में अपना सहयोग दे रहे थे। ये दोनों करतार सिंह सराभा द्वारा संचालित गदर पाटी के …
चंद्रशेखर आज़ाद का जन्म 23 जुलाई 1906 को उत्तर प्रदेश के उन्नाव ज़िले के बदर गाँव में हुआ था। उनके पिता पंडित सीताराम तिवारी और माता जगरानी थीं। पंडित सीताराम तिवारी तत्कालीन अलीराजपुर की रियासत में सेवारत थे (वर्तमान में मध्य…
हिंदी में एक मशहूर कहावत है ' लातों के भूत बातों से नहीं मानते ' और यही चीज अंग्रेजों के साथ भी थी । अंग्रेज शासन के विरुद्ध कॉन्ग्रेस जोकि उस वक्त आजादी के प्रयास कर रही थी अंग्रेजों से केवल विनती करती और मा…
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