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आपने ये शब्द तो सुने होगे की किसी को इतना भी ना डराओ की डर ही ख़तम हो जाए|कुछ ऐसी ही कहानी
है सन 1857 की क्रान्ति की| सन 1857 में ईस्ट इंडिया कंपनी और भारत के कई राज्यों
के बिच कई संघर्ष हुए थे|आज हम उस क्रान्ति के पीछे की वजह और परिणाम के बारे में
जानेंगे साथ ही साथ इस क्रान्ति में कौन कौन शामिल थे ये भी जानेगे|
नमस्ते दोंस्तो में आपका दोस्त |1857 की क्रांति के पीछे कई राजनितिक,सामाजिक और
धार्मिक तथा आर्थिक कारण थे|आज हम उन सभी कारणों को समजेंगे और साथ ही ये क्रान्ति केसे
परिणाम लाये ये भी जानेंगे|
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रराजनितिक कारण:-
सन 1848 में भारत में गवर्नर जनरल के तौर पर
डेलहाउसी को नियुक्त किया गया|डेलहाउसि साम्राज्यवादी प्रकृति का था| उसने कंपनी का
विस्तार बढाने के लिए हड़प निति अपनाई| उसने दत्तक पुत्र लेने के नियम को नकार दिया
और जिस राजा का कोई पुत्र नहीं होता उस राज्य को कंपनी से जोड़ दिया|एसा करके उसने
सतारा,जैतपुर,नागपुर,जांसी और उदेपुरको कंपनी से जोड़ दिया|इस बात से कई
राज्य नाराज थे और यह एक मुख्य कारण बना क्रान्ति का|
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आर्थिक कारण:-
कंपनी शासन के दौरान कंपनी ने हद से ज्यादा कर
राज्यों पर लगाए जिससे की देश के किसान पायमाल और गरीब बने| भारत के कई बड़े
ग्रुहुध्योग ख़तम हो गए| इस बात से लोगो में रोष था|जो क्रान्ति के
रूप में बाहार निकला|
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सामाजिक कारण:-
कंपनी ने भारत में कई रिवाज जेसे की बाल विवाह
और सतीप्रथा को बंद करवाया जो की एक अच्छी बात थी लेकिन उस वक्त लोगो को लगा की
कंपनी उनके समाज में हस्तक्षेप कर रही है और इस बात से लोग नाराज थे|
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सैनिक:-
क्रान्ति होने में कंपनी में जुड़े हुए भारतीय
सैनिक बोहोत बड़े जिम्मेदार थे| कंपनी में बोहोत बड़ी संख्या में हिन्दू और मुस्लिम
सैनिक थे|लेकिन उनके साथ काफी भेदभाव किया जाता था|साथ ही साथ कई बार उन्हें अपने ही लोगो पर गोलिया चलानी
पड़ती जिससे की उनके दिल में कंपनी के लिए गुस्सा और नाराजगी थी|
लेकिन इस गुस्से को आग दी एनफील्ड रायफल ने|सन 1856 के दिसम्बर में सेना में एक नई रायफल शामिल की गयी
जिसकी गोली को गाय और सुवर की चमड़ी से बनाया जाता था|इस बात से गुस्सा होकर एक सैनिक ने दो अंग्रेज अफसर को गोली
मार दी|उस सैनिक का नाम था मंगल पांडे|
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| Tatya Tope |
18 एप्रिल 1857 को मंगल पांडे को फांसी की सजा
दी|जिससे इस क्रान्ति की शुरआत हो गयी|ये क्रान्ति धीरे धीरे करके पुरे भारत में फेल गई|
उसके बाद ये विद्रोह पुरे भारत में होने लगा
अलग अलग राज्यों से हमले होने लगे|इस क्रांति में
नाना साहेब,तात्या टोपे,राजा कुवरसिंह,रानीलक्ष्मीबाई,बहादुरशाह ज़फर इत्यादि क्रांतिकारी शामिल थे|
· क्रान्ति के परिणाम:-
पुरे देश में यह क्रांति होने के बाद भी यह
क्रांति निष्फल रही|इसकी बोहोत सी वजह है|जिसमे सभी राज्यों की अलग अलग समय पर क्रांति की शुरुआत,राज्यों में एकता का अभाव,पिछड़े हुए
अस्त्र-शस्त्र,संगठित नेतृत्व की कमी और राज्य में अन्दरो अन्दर गद्दारी के बनाव
जिम्मेदार है|
इसके बावजूद इस क्रान्ति में कंपनी को बोहोत
नुकसान जेलना पड़ा|इसकी गूंज इंग्लेंड तक
सुनाई दी|इस घटना के बाद बोहोत सी अंग्रेज जिन्दगिया
जाने के बाद इंग्लेंड की रानी विक्टोरिया ने भारत में कंपनी शासन को हटा के खुद
इंग्लेंड की सत्ता को भारत में लागू किया|
तो ये थे इस क्रांति के परिणाम और इस तरह लोगो
में देश प्रेम की भावना जगी|आपका समय देने के लिए
धन्यवाद|
image by
-AnonymousUnknown author, Public domain, via Wikimedia Commons






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