विदेश में क्रन्तिकारी प्रवृतिया | Britisher in India-Part-8

 


          भारत को अंग्रेजो से मुक्ति दिलाने का काम सिर्फ भारत में ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया में फैले हुए भारतीयों के द्वारा अलग अलग देशो में आज़ादी के प्रयास किये जाते थे|इन में श्यामजीकृष्ण वर्मा, मदनलाल धींगरा,वीर सावरकर,उधमसिंह,मेडम कामा,चम्पक रमण पिल्लाई,मौलाना अब्दुल्ला,लाला हरदयाल इत्यादि क्रन्तिकारी शामिल थे|

     


       एक तरफ भारत में होने वाली क्रांति से अंग्रेज सरकार परेशान थी तो दूसरी तरफ भारत के बहार कई लोग चुपके चुपके देश के लिए काम करते थे| कई लेखको की माने तो उस वक्त इंग्लेंड से भारत तक चोरी छुपे पिस्तोले भेजी जाती थी|


   


   विदेश में होती क्रांतिकारी प्रवृत्ति से भारत में क्रांतिकारी प्रवृत्ति को वेग मिलता था|क्रांतिकारियों के विरोध में खड़े अंग्रेज विलियम वायलीकी मदनलाल धींगरा ने हत्या करदी|1907 में अमेरिका के केलिफोर्निया में ‘इंडियन इन्डिपेंड्स लीगकी स्थापना हुई जिसको आगे जाके लाला हरदयाल ने ‘ग़दर पार्टी नाम दिया|4 भाषाओ में ग़दर साप्ताहिक शुरू किया गया|इन प्रवृतियों में तारकनाथ दास और करतार सिंह भी जुड़े हुए थे|इस साप्ताहिक में अंग्रेज सरकार विरुद्ध लेख लिखे जाते थे|



     जर्मनी में चम्पक रमण पिल्लाई ने ‘हिन्द राष्ट्रीय स्वयमसेवक दलकी रचना की|ईराक को केंद मथक बनाके वहा से अंग्रेज विरूद्ध प्रवृत्तिया की जाती थी|जर्मनी में स्टुअर्ट गार्ड शहर में योजी गयी ‘आंतर्राष्ट्रीय समाजवादी परिषद्में सर्वप्रथम मेडम कामा ने उनका बनाया राष्ट्रध्वज लहराया था|



  राजा महेंद्र प्रताप के पद निचे कामचलाऊ सरकार की रचना की गयी थी जो की अफगानिस्तान में थी|इस सरकार में बरकतुल्ला, आबिदुल्ला, मौलाना बशीर, शमशेरसिंह, डॉ.मथुरसिंह जेसे क्रांतिकारी थे जो उस वक्त रशिया, तुर्की जेसे देशो से मदद माँगते थे|

     उस वक्त इसी तरह अन्य देशो से मदद मांगते लेकीन ज्यादातर देश विश्वयुद्ध में उलज़े होने के कारण जो बस में होता उतनी मदद करते थे| रशिया के ट्रोतास्की नामक क्रांतिकारी ने भारत के क्रान्तिकारियो की मदद करने की कसम खायी थी लेकिन उनके देश में विश्व युद्ध के कारन वो थोड़ी बोहोत मदद कर पाए थे|

  


   भारत की राष्ट्रीय क्रान्ति में ज्यादातर 18 से 24 साल के नौजवान थे जो देश के लिए मौत को मुठी में लेकर चलते थे और पकडे जाने पर ख़ुशी से हस्ते मुख फांसी पर चड़ते थे|

     लेनिक दोस्तों सिर्फ एक आर्टिकल में सब कुछ दर्शाया नहीं जा सकता इसलिए आगे हम सभी क्रांतिकारियों की जीवन गाथा और इनके योगदान को जानेंगे|आपका समय देने के लिए धन्यवाद और आप हमें कमेन्ट में बता सकते है की आपको हमारा यह लेख कैसा लगा और हमें सलाह भी दे सकते है|

     धन्यवाद|      


images by:-Nehakale, CC BY-SA 3.0 <https://creativecommons.org/licenses/by-sa/3.0>, via Wikimedia Commons

                :-India Post, Government of India, GODL-India <https://data.gov.in/sites/default/files/Gazette_Notification_OGDL.pdf>, via Wikimedia Commons

               -மா.ரவிகுமார், CC BY-SA 4.0 <https://creativecommons.org/licenses/by-sa/4.0>, via Wikimedia Commons

              :-Surya Prakash.S.A., CC BY-SA 3.0 <https://creativecommons.org/licenses/by-sa/3.0>, via Wikimedia Commons

     

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