प्लासी का युद्ध| War of plaasi| Britisher in india-Part-2

                  


                 आज हम बात करेंगे उस घटना की जिसने भारत में अंग्रेजों की सत्ता की निव रखी । यह घटना भारत के लिए सबसे बुरी घटना कहलाती है क्योंकि इसी घटना के बाद भारत को 200 सालों की गुलामी मिलनी थी । हम बात कर रहे हे प्लासी के युद्ध की । यह युद्ध बंगाल के नवाब सिराजुद्दौला और ईस्ट इंडिया कंपनी के बिच संघर्ष का परिणाम था । इस युद्ध के अत्यंत महत्वपूर्ण तथा स्थाई परिणाम निकले । 1557 ईसवी में हुआ प्लासी का युद्ध ऐसा था जिसने भारत में अंग्रेजों की सत्ता की पूर्ण स्थापना कर दी । बंगाल की तत्कालीन स्थिति और अंग्रेज स्वार्थ ने ईस्ट इंडिया कंपनी को बंगाल की राजनीति में हस्तक्षेप करने का अवसर प्रदान किया ।

         


          अली वर्दी खान जो पहले बिहार का नायाब निजाम था औरंगजेब की मृत्यु के बाद राजनीतिक उठापटक का भरपूर लाभ उठाया । उसने अपनी शक्ति बहुत बड़ा ली वह एक महत्वकांक्षी व्यक्ति था । उसने बंगाल के तत्कालीन नवाब सरफराज खान को युद्ध के लिए ललकारा । युद्ध में सरफराज खान की हार हुई और अली वर्धि खान बंगाल का नवाब बना । लंबे समय तक बंगाल में शासन करने के बाद 9 अप्रैल को अली वरधि खान की मृत्यु हो गई । अली वर्दी खान की अपना कोई पुत्र नहीं था इसीलिए अगले नवाब के लिए राज परिवार के लोगों में षड्यंत्र शुरू हो गए पर अली वर्धि ने अपने जीवन काल में ही अपनी सबसे छोटी बेटी के पुत्र सिराज उद दौला को नवाब चुन लिया था । ठीक ऐसा ही हुआ ।सिराज बंगाल का नवाब बना ।

  


                   इधर ईस्ट इंडिया कंपनी अपने आप को मजबूत कर रही थी । दक्षिण में फ्रांस के व्यापारियों को हरा के उनके हौसले मजबूत थे । अंग्रेज बंगाल में भी अपना प्रभुत्व जमाना चाहते थे । अली वर्दी खान मरने से पहले सिराज को सिखा गया था ''चाहे कुछ भी हो जाए अंग्रेजों की दखल बंगाल में नहीं होनी चाहिए'' । इसीलिए सिराज अंग्रेजों को लेकर चिंता मैं था । बंगाल में कासिम बाजार में स्थित अंग्रेजों के किले फोर्ट विलियम को सिराज के द्वारा नष्ट करने का आदेश अंग्रेजों को दिया गया जिसको अंग्रेजों ने ठुकरा दिया । गुस्से में आकर नवाब ने मई 1756 में आक्रमण कर दिया । 20 जून 1756 में कसिम बाजार पर नवाब का अधिकार हो गया ।

                      इस बात से क्रोधित होकर मद्रास से सर रॉबर्ट क्लाइव कि आगेवानी तले अंग्रेजों की सेना बंगाल पहुंची । रॉबर्ट क्लाइव ने सिराज के सेनापति मिरजाफर को बंगालका नवाब बनाने का लालच दिया जिससे मीरजाफर अंग्रेजों के पक्ष मैं हो गया । अंग्रेजों ने नवाब को युद्ध के लिए ललकारा । 23 जून 1757 को प्लासी के मैदान में नवाब और अंग्रेजों के बीच युद्ध हुआ । इस युद्ध में नवाब की हार हुई । अंग्रेजों ने मीरजाफर को बंगाल का नवाब बनाया ।

              


         कुछ वक्त बाद मीरजाफर अंग्रेजों की बातों को नकारने लगा । इस बात से अंग्रेजों ने मीरजाफर को नवाब की गद्दी से हटाकर मीर कासिम को नवाब बनाया । लेकिन मीर कासिम मीरजाफर से भी बड़ी मुसीबत निकला । अंत में अंग्रेजों ने मीर कासिम से बक्सर में युद्ध किया और मीर कासिम को हरा कर फिर से मिराजाफारको बंगाल का नवाब बनाया । लेकिन अंत में रॉबर्ट क्लाइव खुद बंगाल की सत्ता संभालने लगा ।

                    इसी युद्ध के बाद अंग्रेज व्यापारी से शासक बने थे । भारत में अंग्रेज सिर्फ व्यापार के हेतु से आए थे लेकिन भारत में आपसी लोगों में मतभेद देखकर उनके मन में शासन का बीज बून गया । इस तरह भारत में अंग्रेज शासन की शुरुआत हुई ।

                              अपना समय देने के लिए धन्यवाद ।

 

 

 image by:- Wikimedia Commons

 

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