भारत में ईस्ट इंडिया कंपनी का विकास | Growth of east India company in india| britisher in india- Part-3

 

 


 

अंग्रेज सरकार में सन 1773 में नियामक धारा की रचना की| जिसके अनुसार बंगाल के गवर्नर को गवर्नर जनरल बनाके कंपनी के व्यापारी और राजकीय हित तथा प्रवृत्तियों को उसके सीधे अंकुश के नीचे रखा गया तथा उसके नीचे मुंबई- मद्रास के गवर्नर और काउंसिल को रखा गया । इस तरह वारंन हेस्टिंग्स भारत का पहला गवर्नर जनरल बना ।

वोरन हेस्टिंग्स के समय में 'प्रथम मराठा विग्रह' और मैसूर के हैदर अली के साथ 'द्वीतीय मैसूर विग्रह' हुआ । इन दोनों सत्ताओ का एक साथ सामना करते ईस्ट इंडिया कंपनीकी मुश्किलें बढ़ गई । वोरन हेस्टिंग्स के बाद कॉर्नवालिस दूसरा गवर्नर जनरल बना । उसके समय में ' मैसूर के शेर' कहलाते टीपू सुल्तान के साथ तीसरा मैसूर विग्रह हुआ । टीपू सुल्तान को हराने के लिए कंपनी ने मराठा और निजाम की मदद ली । तीनों की संयुक्त सेना के सामने टीपू सुल्तान की हार हुई । उसे संधि स्वीकारनी पड़ी ।

कॉर्नवालिस के बाद सर जॉन शोर गवर्नर जनरल बना । लेकिन उसके दौर में ईस्ट इंडिया कंपनी की प्रतिष्ठा घटी और दूसरी तरफ मराठों की ताकत बढ़ी । उसके बाद वेलेस्लीने गवर्नर जनरल का पद संभाला । वेलेस्ली के सर कंपनी को भारत में सर्वोपरि बनाने की जिम्मेदारी थी । इसीलिए वेलेस्लीने सहायकारि सैन्य योजना बनाई । इस योजनाकी शर्तें नीचे लिखे मुताबिक थी ।

 

सहायकारी सैन्य योजनाकी शर्ते:-

·         कंपनी अपना सैन्य योजना स्वीकारने वाले राज्य को देगा । यह सेना राज्य को आंतरिक और बाहरी आक्रमणों से बचाएगी ।

·         उसके बदले में योजना स्वीकारने वाले राज्य को पूरा लश्करी खर्च देना होगा ।

·         कंपनी की मंजूरी के बिना एक राज्य दूसरे राज्य से युद्ध या संधि नहीं कर सकता ।

·         राज्य के दरबार में एक अंग्रेज प्रतिनिधि को रखना होगा ।

·         कोई दूसरे विदेशी को राज्य में नौकरी पर रखने की मनाई ।

 


इस योजना को मैसूर, अवध, गायकवाड, सिंधिया इत्यादि सत्ताओने स्वीकारा था । यह योजना मीठे जहर समान थी । इसकी मदद से वेलेस्लिने कई राज्य कंपनी से जोड़ दिए । वेलेस्लिने यह योजना टीपू सुल्तान को सुनाई और इसे स्वीकारने का दबाव डाला लेकिन टीपू सुल्तान के मना करते कंपनी ने सन 1799 मैं मैसूर पर चढ़ाई कर दी । इस चौथे मैसूर विग्रह में टीपू सुल्तान अंग्रेजों के सामने लड़ते-लड़ते शहीद हो गए । इस तरह कंपनी ने अपने शासन को धीरे-धीरे पूरे भारत में फैला दिया ।

 


images by:-historyanswers.

               :-Wikimedia commons

               


Reactions

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ