अंग्रेज सरकार में सन 1773
में
नियामक धारा
की रचना की|
जिसके अनुसार बंगाल के गवर्नर को गवर्नर जनरल बनाके
कंपनी के व्यापारी और राजकीय हित
तथा प्रवृत्तियों को उसके सीधे अंकुश के नीचे रखा गया
तथा उसके नीचे मुंबई- मद्रास के गवर्नर और काउंसिल को रखा गया । इस तरह वारंन हेस्टिंग्स भारत
का पहला गवर्नर जनरल बना ।
सहायकारी सैन्य योजनाकी शर्ते:-
·
कंपनी अपना सैन्य योजना स्वीकारने
वाले राज्य को देगा । यह सेना राज्य को आंतरिक और बाहरी आक्रमणों से बचाएगी ।
·
उसके बदले में योजना स्वीकारने
वाले राज्य को पूरा लश्करी खर्च देना होगा ।
·
कंपनी की मंजूरी के बिना एक
राज्य दूसरे राज्य से
युद्ध या संधि नहीं कर सकता ।
·
राज्य के दरबार में एक अंग्रेज
प्रतिनिधि को रखना होगा ।
·
कोई दूसरे विदेशी को राज्य में
नौकरी पर रखने की मनाई ।
इस योजना को मैसूर,
अवध,
गायकवाड,
सिंधिया इत्यादि सत्ताओने स्वीकारा था । यह योजना मीठे
जहर समान थी । इसकी मदद से
वेलेस्लिने कई राज्य कंपनी से जोड़ दिए । वेलेस्लिने यह योजना टीपू सुल्तान को सुनाई
और इसे स्वीकारने का दबाव डाला लेकिन टीपू सुल्तान के मना करते कंपनी ने सन 1799 मैं मैसूर पर चढ़ाई कर दी । इस
चौथे मैसूर विग्रह में टीपू सुल्तान अंग्रेजों के सामने लड़ते-लड़ते शहीद हो गए ।
इस तरह कंपनी ने अपने शासन को धीरे-धीरे पूरे भारत में फैला दिया ।
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